सर्वाइकल कैंसर से प्रतिवर्ष 75 हजार महिलाओं की हो रही मौत : डाॅ.कनिका गुप्ता

गाजियाबाद: आरएचएएम फाउंडेशन (रोटरी हेल्थ अवेयरनेस मिशन) ने मैक्स सुपरस्पेशलिटी हाॅस्पिटल वैशाली के सहयोग से सर्वाइकल कैंसर से बचाव व इलाज विषय पर वेबिनार का आयोजन किया। जिसमें मैक्स अस्पताल की एसोसिएट डायरेक्टर, गाइनी ओनको-सर्जरी डाॅ.कनिका गुप्ता ने वेबिनार में उपस्थित महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के बारे में जागरूक किया। इस दौरान पीडीजी रो.डाॅ.सुभाष जैन के सौजन्य से लकी ड्रा भी निकाला गया, जो मैक्स अस्पताल के रोशन सिंह का निकला।

वेबिनार में रोटरी क्लब ऑफ दिल्ली ईस्ट एंड, इंदिरापुरम गैलोर, गाजियाबाद हैरिटेज, गाजियाबाद सेंट्रल, गाजियाबाद मेट्रो, दिल्ली रिगल, इंट्रेक्ट क्लब लोटस वैली इंटरनेशनल स्कूल, मान्यवर कांशीराम राजकीय महाविद्यालय नंदग्राम, इंग्राहम इंस्टीट्यूट ऑफ गर्ल्स डिग्री काॅलेज व गाजियाबाद भार्गव समाज समिति ने भी सहयोग किया।

मुख्य वक्ता एवं मैक्स अस्पताल वैशाली की एसोसिएट डायरेक्टर डाॅ.कनिका गुप्ता ने कहा कि जैसे एक बिल्डिंग ईंटों से मिलकर बनती है वैसे ही हमारा शरीर बहुत सारे छोटे-छोटे सेल (कोशिका) से मिलकर बनाता है। सेल का जो मैन बाॅडी पार्ट या ईंजन होता है उसे डीएनए कहते है। जब सेल में खराबी आती है तो वे अपने आपको खत्म कर देते है या अलग कर लेते है। लेकिन यदि डीएनए में ही खराबी आ जाए तो वो अपने आप को रिपेयर कर लेता है और सही हो जाता है। लेकिन जब रिपेयर वाले पार्ट में ही खराबी आ जाए तो खराब डीएनए का एक समूह बनने लगता है। जिसे हम कैंसर कहते है। आज हम बात कर रहे है सर्वाइकल कैंसर की। भारत में ही सर्वाइकल कैंसर से प्रतिवर्ष 75 हजार महिलाओं की मौत होती है। सर्वाइकल कैंसर या बच्चेदानी के मुंह का कैंसर भारत में स्तन कैंसर के बाद महिलाओं में होने वाली दूसरी बड़ी बीमारी है। नियमित रूप से पैप जांच करवाना, टीका लगवाना, सुरक्षित यौन संबंध और धूम्रपान छोड़ने जैसे स्वस्थ जीवन शैली के विकल्प सर्वाइकल कैंसर को रोकने में मदद कर सकते हैं। इसे न केवल रोका जा सकता है अपितु इसे बहुत जल्दी पकड़ा जा सकता है और समय पर पकड़ा जाए तो इसका पूर्णतः इलाज भी संभव है। बच्चेदानी से गंदें पानी का रिसाव, माहवारी का अनियमित होना, संभोग के समय खून आना, कमर या पैर में अधिक दर्द होना या पेशाब में रूकावट इसके प्रारंभिक लक्षण हैं। अधिक बच्चे होना, कई पुरूषों से यौन संबंध, गुप्तांगों की सफाई में कमी या एड्स इसके खतरे को बढ़ा देते हैं। पर खुशखबरी यह है कि इसके बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन उपलब्ध है जो 9 साल की उम्र से लेकर 15 वर्ष तक की लड़कियों को दो डोज व 16 से 25 साल की लड़कियों के लिए तीन डोज दी जाती है। नियमित पैप स्मीयर टेस्ट करवाना चाहिए। 21 से 29 की आयु में तीन साल में एक बार, 30 से 65 आयु में पांच वर्ष में एक बार, 65 वर्ष से उपर आयु होने पर आवश्यकतानुसार टेस्ट कराये।

रोटेरियन नीलू खन्ना (पास्ट इनरवील, डिस्ट्रिक चेयरमैन 2014-15, प्रथम लेडी डिस्ट्रिक-3012 वर्ष 2022-23) ने कहा कि यह वेबिनार महिलाओं के लिए बहुत ही लाभप्रद है। क्योंकि महिलाओं को यदि समय रहते इस बीमारी के बारे में पता चल जाता है तो वे एहतियात बरती है। जिससे इस पर काबू पा लिया जाता है। सभी महिलाएं व लड़कियां समय पर सर्वाइकल कैंसर का टीका लगवा लें तो पोलियो की तरह इस पर भी हम काबू पा सकते है। इनरव्हील क्लब ऑफ
दिल्ली नार्थ भी कैंप लगाकर सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन लगाता है। दिल्ली के सर परमानंद हास्पिटल में ये प्रोजेक्ट चलता है।

रोटेरियन अमिता महेंद्रु असिस्टेंट गर्वनर जोन-4 ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर की कैसे पहचान करें, इससे बचाव, उपचार, टेस्ट व टीके के बारे में डाक्टर ने हमें बहुत ही जानकारीपरक बातें बताई है। यदि किसी को इसके लक्षण दिखाई दे तो घबराए नहीं, तुरंत डाक्टर से संपर्क कर समस्या का निदान कराएं।

रोटरी हेल्थ अवेयरनेस मिशन के संरक्षक सदस्य एवं पीडीजी रो.जेके गौड ने आरएचएएम को स्वास्थ्य को लेकर कार्यक्रम करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य को लेकर बहुत काम हो रहा है। कोविड से पहले कई रोटरी क्लब व आरएचएएम की टीम ने सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन भी स्कूलों में नौ साल से उपर की बच्चियों को निशुल्क लगवाई है। समय रहते सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन लगने पर इस बीमारी का खतरा खत्म हो जाता है। इसलिए परिजनों भी जागरूक हो और समय पर अपनी बच्चियों को वैक्सीन लगवाए।
डीजीएन रो.डाॅ.ललित खन्ना ने डाक्टर व वेबिनार में उपस्थित सभी लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि कैंसर लाइलाज नहीं है। यदि समय रहते इसकी पहचान कर ली जाए तो इस पर काबू पाया जा सकता है। बस जरूरत है तो जागरूक होने की। समय पर अपनी जांचें कराते रहे और किसी भी बीमारी को हलके में न लें।
आरएचएएम के चेयर एवं कोर्डिनेटर डाॅ.धीरज कुमार भार्गव ने बताया कि मेरा स्वास्थ्य मेरे हाथ को लेकर आरएचएएम ने अभियान चला रखा है जिसको लेकर महिलाओं पुरूषों, बच्चों व बुजुर्गों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की दिन प्रतिदिन बढ़ती दर को देखते हुए इस वेबिनार का आयोजन किया गया। हर साल जनवरी में सर्वाइकल कैंसर अवेयरनेस मंथ यानी की सर्वाइकल कैंसर जागरूकता महीना मनाया जाता है। इस महीने में कैंसर से लोगों को जागरूक कराया जाता है ताकि इस बीमारी को रोका जा सके। हमारा रोटरी क्लब की ओर से एक कैंसर फाउंडेशन भी है जो 50 प्रतिशत की दर से दवाएं उपलब्ध कराता है।
रो.सोनिया मिगलानी ने डाक्टर कनिका गुप्ता का परिचय दिया। उन्होंने बताया कि डाक्टर कनिका गुप्ता ने आज जो वेबिनार के माध्यम से हमें सर्वाइकल कैंसर के बारे में बताया है वह महिलाओं के लिए बहुत ही फायदेमंद है। अब हमें जरूरत है बस जागरूक होने की।
वेबिनार में अंजलि भावा, मैक्स अस्पताल से रोशन सिंह, विजय गुप्ता, आरती पाठक, सोनिया मिगलानी अभिषेक सिंह, इंग्राहम काॅलेज से अफसा, अजय कुमार, अनिता सिंघल, अंजलि सिंह, अंजलि यादव, अंकुर भार्गव, अनुष्का पांडेय, भूमिका शर्मा, दयानंद शर्मा, दीप्ति शर्मा, दिव्यांशु, डाॅली तिवारी, गायत्री यादव, हर्षिता अग्निहोत्री, फिजा, हिमानी, हिमांशी, ईषा अग्रवाल, ईषा शर्मा, इषिका शर्मा, इषिता, जानवी त्रिपाठी, खुशबू चौधरी, कोमल कश्यप, लीजा गौतम, मनीष भरतिया, मीनाक्षी, मेघा, मोनिका गोविल, एनके भार्गव, नीलू सिंघल, नेहा पांचाल, निधि त्यागी, निकिता सिंह, निषिता चौधरी, पायल शर्मा, पूजा पुंडीर, प्राची, प्रतिभा गिरी, प्रतीक्षा सूर्यवंशी, पूजा अरोरा, रचना गुप्ता, राधिका चौहान, रजनी, रंजना भार्गव, रिषी बख्शी, रिषीका गोयल, रिद्दी, रितुजा पाटिल, रिया गौतम, रिया शर्मा, साक्षी राघव, सांची शर्मा, संध्या, सिमरन चौधरी, सिमरन यादव, सोनिया रावत, सोनू गौतम, सुहानी, सुनीता, सुरभि दहिया, उमंग राघव, वैश्नवी त्यागी, वर्षा, विनोद भार्गव, विनोद गोविंद, यशी शर्मा, यशिका सहित करीब 150 लोगों ने हिस्सा लिया।

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